स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग
Kolhan University, Chaibasa
Department Details
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Departmental Profile
About
यह विभाग भाषा की आवश्यकता को पूर्ण करने, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाषागत और ज्ञानात्मक उन्नयन हेतु विभिन्न संगोष्ठी/सेमिनार, कार्यशालाएँ तथा विद्वत्-व्याख्यान शृंखलाओं का आयोजन करता है। विद्यार्थियों की बौद्धिक एवं आध्यात्मिक-नैतिक क्षमता के विकास तथा संस्कृत-साहित्य के संरक्षण के लिए विभाग निरन्तर सक्रिय है। विभाग द्वारा पाठ्यक्रम, पाठ्य-विधि, संगोष्ठियाँ, लोकसंस्कृति, पांडुलिपियाँ, लोकभाषाएँ, वेद, दर्शन, योग, पानी की महत्ता, संस्कार आदि विषयों पर अध्ययन एवं अनुसंधान को प्रोत्साहित किया जाता है। राज्य स्तर पर विभाग ने अनेक अकादमिक गतिविधियों में सक्रिय योगदान दिया है।
स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के अंतर्गत विभाग का अपना पाठ्यक्रम तथा पाठ्यवस्तु है। संस्कृत विषय के शिक्षक पाठ्यक्रम के मुख्य क्षेत्रों को प्रभावी ढंग से पढ़ाते हैं। विभागीय शिक्षण में श्रव्य-दृश्य साधनों तथा क्षेत्रीय गतिविधियों का समावेश किया जाता है।
Aims & Objectives
विभाग द्वारा समय-समय पर छात्र-छात्राओं के लिए वेद-पाठ, नामकरण, उपनयन आदि संस्कार कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। विभाग से जुड़े विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार एवं कार्यशालाओं में सहभागिता की है।
Departmental Research Activities
विभाग के आचार्य डॉ. अरविन्द चौबे (2022) तथा डॉ. ललितेश कुमार (2023) ने महाविद्यालय स्तर पर उल्लेखनीय अकादमिक कार्य किया है। भविष्य में भारतीय ज्ञान परम्परा की समृद्धि में संस्कृत की भूमिका तथा संस्कृत एवं जनजातीय भाषाओं के तुलनात्मक अध्ययन पर शोध कार्य को बढ़ावा देने की योजना है।
Significant Achievements
शोध कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, पाठ्य-पठन की उत्कृष्टता बढ़ाने तथा शैक्षणिक विकास हेतु संस्कृत विश्वविद्यालय, पुरी (उड़ीसा) के साथ विभाग का MoU भी किया गया है।